कोई तो रोको इन्हें...
मैं पेशे से कोई लेखक नहीं हू,और न ही कोई नेता हू मैं बस एक आम इंसान हू जिसे एक लेखक की तरह लिखना तो नहीं आता लेकिन आज मुझे मजबूर होना पड़ा लिखने को.
"मैं हर माता पिता से ये गुजारिश करूँगा क बच्चो की सफलता/असफलता पर उन्हें प्यार दे...और एक प्रश्न पूछुंगा की अगर आप का बच्चा कभी गिर जाये तो आप पहले उसे डाटेंगे या उठायेंगे ?
मुझे पता है आप का उत्तर है-उसे पहले उठायेंगे,
ठीक उसी तरह आप के बच्चे ने असफलता नहीं पाई बल्कि वह पढाई क बोझ से गिर गया है ,उसे उठाने की जरूरत है ,डाटने की नहीं.उसमे आत्म विस्वास भरने की जरूरत है/,
